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मैं हूँ रावण।

हाँ हूँ अहंकारी मै, और हूँ मैं जाति से ब्राह्मण। सारी दुनिया मेरे भय से काँपे, मैं हूँ त्रिलोक विजयी रावण।। स्वर्णो का महल है मेरा,...

मैं खुद अपनी तलाश में हूँ।।

हाँ , नही और काश में हूँ, मैं खुद अपनी तलाश में हूँ। न रुका कभी, न झुका कभी, जिंदगी से कुछ पाने की आश में हूँ, मैं खुद अपनी तलाश में...

ये घर बहुत याद आएगा!!

चाहे कितने भी बड़े क्यों न हो जाओ, ये घर बहुत याद आएगा! घर जाने की इक्षा तुम्हे, हर रोज़ आकर सताएगा!! मम्मी के हाथ का खाना, तो पापा के...

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Avinash Kumar Jha

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