मैं हूँ रावण।
- akjhajk302004
- May 24, 2024
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हाँ हूँ अहंकारी मै,
और हूँ मैं जाति से ब्राह्मण।
सारी दुनिया मेरे भय से काँपे,
मैं हूँ त्रिलोक विजयी रावण।।
स्वर्णो का महल है मेरा,
विश्व विजय कर बैठा हूँ।
पंडितों में पंडित,
मैं दसानन कहलाता हूँ।।
कोई न जीत सका मुझसे,
मैं बार बार दोहराता हूँ।
कभी न झुकाया सिर अपना,
इसलिए मैं अभिमानी लंकेश कहलाता हूँ।।
आज बेशक तुम मुझे जला दो,
मेरी सारी प्रतिमाए मिटा दो।
लेकिन आज तुम मुझे एक चीज करके बता दो,
मुझे तुम थोड़ा सा ही राम बनकर दिखा दो।।
हाँ मैं घमंडी, मैं पापी, मैं ताक़त का प्रतिक हूँ,
और मैं वही दसानन ज़िद्दी और थोड़ा सा ढीठ हूँ।
तुम सभी राम बन जाओ, मैं रावण ही ठीक हूँ ,
तुम सभी राम बन जाओ, मैं रावण ही ठीक हूँ ।।
:- अविनाश। 🖤🙏🏻
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