ये घर बहुत याद आएगा!!
- akjhajk302004
- May 24, 2024
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चाहे कितने भी बड़े क्यों न हो जाओ,
ये घर बहुत याद आएगा!
घर जाने की इक्षा तुम्हे,
हर रोज़ आकर सताएगा!!
मम्मी के हाथ का खाना,
तो पापा के साथ कभी कभी बाजार जाना!
गाँव की खुली हवा और पानी
शहर मे बस सिमट कर रह गई है अपनी कहानी!!
कभी कभी सोचता हूँ, क्या जरूरी था घर छोड़ कर आना,
फिर याद आया मुशाफिरो का कहाँ है कोई ठिकाना!
घर से बेटा निकलता है कमाने को
मम्मी हिदायत देती है समय पर खाना खाने को!!
याद करता हूँ बचपन की बात,
जब तबियत खराब होने पर पापा रखते थे सिर पर हाथ!
सोचता हूँ क्या कभी जीवन में कुछ कर पाऊँगा?
क्या कभी इस दुनिया में अपना नाम बना पाऊँगा?
घर छोड़कर निकलना एक कठिन निर्णय होता है,
खुद दिल पर पत्थर रखकर बाहर निकलना पड़ता है!
कितना भी कोशिश करले खुद को घर से दूर नही कर पाएगा,
चाहे कितने भी बड़े क्यों न हो जाओ,
पर ये घर बहुत याद आएगा,
ये घर बहुत याद आएगा!!
:- अविनाश 🥺
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