तलाश!!
मै घूमता रहता हूँ,
यहाँ वहाँ दर बदर।
न वो मिली न मिली उसकी खबर ,
तलासती है फिर भी उसको निगाहें मेरी।।
की कही वो मिल जाए या मिले उसकी खबर,
कभी चाँद से पूछूँ उसका पता।
कभी उसे ढुंढू खुद होके लापता,
फिरता रहता हूँ यहाँ वहाँ,
कही मिल जाए वो या उसके निसान।।
करता रहता बातें उसकी दिन भर,
शायद वो मिल जाए,
कही जिंदगी के किसी मोड पर।
अंजान रास्तों पर भटकु मै यहाँ वहाँ,
शायद आ जाए वो और,
दिखा दे मुझको रास्ता नया।
जब तक न मिले वो उसकी तलाश जारी है,
हमने भी कहाँ कभी इतनी जल्दी हिम्मत हारी है!!
:-अविनाश❤
Comments