समझ
- akjhajk302004
- May 24, 2024
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की क्या कहु कुछ समझ नही आता है,
समय कैसे बीत जाए पता नही चल पाता है।
जिंदगी की रेस पीछे छुट जाती है
पुरानी यादों को साथ लेकर आती है
नए रिश्ते बनते बिगड़ते जाते है,
लोग भी अब बहुत जल्दी ही भूल जाते है।
नई एहसास पनपने लग जाती है
नई जज्बात झलकने लगती है
यादों से दूर भागना चाहते है सभी
अब मिलते है पुराने दोस्त कभी कभी
Call पर भी बाते नही होती है अब किसी से
व्यस्त है सभी अपने जीवन की खुशी में
कभी मिलना होगा तो मिल जाएंगे
वही पुरानी बातों को फिर से दोहराएंगे
याद करेंगे वही बीती हुई बातें
नए जीवन की करेंगे शुरूआते
बड़े याद आओगे आगे जाकर तुमलोग
तब पता चलेगा की जिंदगी की इस रेस मे
क्या खो दिए है हमलोग
न फिर वही मिलना होगा, न फिर वही बातें होगी
रोते रोते रह जाओगे, न अब फिरसे वही मुलाकाते होगी
ए रब लौटा दे मुझे मेरा वो पल
ए रब लौटा दे मुझे मेरा वो पल
शायद रहु या न रहु मै कल
शायद रहु या न रहु मै कल।।
:- अविनाश!! ❤
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